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Electricity Bijli Bill Big Update : पूरे देशभर बिजली प्रयोग करने वाले ध्यान दें बिजली बिल मे बदलाव

Electricity Bijli Bill Big Update : पूरे देशभर बिजली प्रयोग करने वाले ध्यान दें बिजली बिल मे बदलाव

एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा कि मोबाइल फोन सिम की तरह बिजली कंपनियों का विकल्प मिलने का दावा भ्रामक है। इस बिल के अनुसार, केवल सरकारी डिस्कॉम के पास ही बिजली की पूरी आपूर्ति की जिम्मेदारी होगी। जबकि निजी कंपनियां केवल फायदा कमाने वाले क्षेत्रों को ही बिजली आपूर्ति करना पसंद करेंगी।

देश के बिजली क्षेत्र में बड़े सुधार करने की मंशा के साथ केंद्र सरकार सोमवार को बिजली संशोधन विधेयक, 2022 लोकसभा में पेश कर सकती है। यह विधेयक देश के मौजूदा बिजली वितरण क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकती है। साथ ही पूरे बिजली सेक्टर में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को और बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। पूरे देश में पहली बार बिजली ग्राहकों को एक से ज्यादा बिजली वितरण कंपनियों को चुनने का विकल्प खोल सकता है। विधेयक के जरिए सरकार केंद्र व राज्यों के बिजली नियामक आयोग के ढांचे में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लाया जाएगा।

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Electricity Bijli Bill Big Update

बिजली संशोधन विधेयक 2022 (Electricity Amendment Bill 2022) में बिजली ग्राहकों को पसंद वाले सेवा प्रदाताओं को चुनने का दावा पूरी तरह भ्रामक है। इससे राज्य के डिस्कॉम घाटे में जा सकते हैं। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (All India Power Engineers Federation) के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में मांग की है कि विधेयक को पेश करने से पहले व्यापक राय मशविरा के लिए ऊर्जा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाए। इस विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाना है।

11 September सुझाव

केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय के उप सचिव डी. चट्टोपाध्यय की ओर से 12 अगस्त को सभी राज्य सरकारो समेत अन्य संबंधित इकाइयों को मसौदा भेजकर 11 सितंबर तक सुझाव मांगे है । मसौदा के पैरा 14 मे यह प्रवधान है कि वितरण कंपनी द्वारा बिजली खरीद की धनराशि की समय से वसूली के लिए ईंधन की कीमतो के आधार पर हर महीने बिजली दरे तय की जाएंगी और इसकी वसूली उपभोक्ताओं से की जाएगी।

बिजली कंपनियो की ओर से नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता के साथ दाखिल किये जाने वाले टू-अप प्रस्ताव मे बढी दरो का समायोजन किया जाएगा । इसके लिए विद्युत मंत्रालय ने फार्मूला भी तय किया है । 11 सितंबर के बाद विनियम को अंतिम रूप देकर अधिसूचना जारी की जाएगी । अधिसूचना जारी होने के 90 दिन बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

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